तेन्दूपत्ता भुगतान में बड़ा घोटाला, 1200 गड्डियों की रकम डकारने का आरोप

धरमजयगढ़ वन मंडल अधिकारी से शिकायत

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धरमजयगढ़। तेन्दूपत्ता संग्रहण भुगतान में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्राम बोरो निवासी मो. रफीक ने वन मंडल अधिकारी धरमजयगढ़ को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2026-27 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान उनके द्वारा जमा किए गए 1200 गड्डियों का भुगतान गायब कर दिया गया है।


शिकायत में मो. रफीक ने बताया कि उन्होंने बोरो फड़ में तेन्दूपत्ता जमा किया था, जिसका आंशिक भुगतान उन्हें प्राप्त हो चुका है, लेकिन 1200 गड्डियों का भुगतान अब तक नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया है कि फड़ प्रबंधक पुनी, फड़ प्रभारी छेदीलाल एवं बोरो नाका के संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से उनकी 1200 गड्डियों का भुगतान गमन कर दिया गया है।


मो. रफीक का कहना है कि यदि उनके नाम से जमा की गई 1200 गड्डियों का रिकॉर्ड मौजूद है तो भुगतान कहां गया, यह एक बड़ा सवाल है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा बकाया भुगतान दिलाने की मांग की है।

इस शिकायत के सामने आने के बाद तेन्दूपत्ता संग्रहण एवं भुगतान व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक संग्रहक के भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेन्दूपत्ता भुगतान प्रणाली में बड़े स्तर पर अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका को भी उजागर करेगा।


अब देखना होगा कि वन विभाग इस गंभीर शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच के बाद सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाता है।


फिलहाल, 1200 गड्डियों के भुगतान का रहस्य और कथित मिलीभगत के आरोप क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।इस विषय पर अधिक जानकारी एवं उनका पक्ष जानने फड़ प्रभारी एवं विभागीय अधिकारी को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन का जवाब देना मुनासिब नहीं समझा।इन मायनों में जिम्मेदार अधिकारियों का व्यवहार बिल्कुल गैर जिम्मेदाराना प्रतीत होता है।।

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